चन्द्र राशी

ब्रह्मांड अनगिनत तारो  ग्रहों पिंडो से भरा हुआ है तारों के इन समूह की  अलग-अलग आकृतियां प्राप्त होती है तारों के इन्हीं 1-1 झुंड को नक्षत्र कहा जाता है आकाश मंडल में इस तरह के 27 समूह हैं जिन्हें 27 नक्षत्र कहते हैं इन नक्षत्रों के अलग-अलग गुणधर्म हैं इन नक्षत्रों के समूह को 12 भाग में विभाजित किया गया है यही 12 भाग राशीचक्र कहलाते हैं|

आकाश मंडल में विचरण करते हुए चंद्रमा जिस राशि में होता है वही हमारी जन्म चंद्रराशि होती है  हमारे शुभ और अशुभ भविष्य का अनुमान लगाने के लिए इस राशि का प्रयोग होता है| मन, बुद्धि, धन, सफलता आदि के ज्ञान हेतु चंद्र राशि ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण योगदान करती है| बच्चों से लेकर बूढ़ों तक हर कोई अपने किस्मत के लिखे को जानने की इच्छा रखता है, चाहे पैसो का मामला हो, यात्रा करने का शादी का मुहूर्त, गृह प्रवेश या वर वधु के मेलापक सभी में राशि का अत्यधिक महत्व होता है| भारतीय ज्योतिष  निरयन पद्धति पर आधारित है| प्रत्येक राशि का मान 30 अंश होता है यही कारण है कि 24 घंटे में 12 लग्न होते हैं और प्रत्येक लग्न 30 अंश का होता है|

प्रत्येक राशि का स्वामी ग्रह होता है| सिंह और कर्क राशि के स्वामी क्रमशः सूर्य और चन्द्र हैं, और शेष दस राशियों के पाँच ग्रह स्वामी हैं| DTP मैजिक ने प्रत्येक राशि स्वामी ग्रह के अनुसार जन-मानस के जीवन में सुधार, सुख-शांति एवम् उन्नति (विकास) हेतु अथक प्रयासों, अध्ययन एवम् अनुसन्धान से कुछ सामग्रियां, जो हमारे दैनिक जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकताएं हैं उनके रूप में आपके लिए प्रस्तुत की हैं, जैसे साबुन, तिलक, माला, तेल इत्यादि|

आपकी सुविधा के लिए राशियों एवम् उनके स्वामी ग्रहों का विवरण निन्मलिखित है :